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नकल नहीं अपनी पहचान खुद बनो हम में से एक जैसी कोई भी चीज नहीं होती है।  हम सृष्टि की रचना का एक हिस्सा होते हैं।  जो एक मामूली कण…

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पिंकी और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता लेखिका कंचन ठाकुर

पिंकी और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता लेखिका कंचन ठाकुरविश्व पुस्तक दिवसस्टॉल L -15 हॉल नंबर 2 & 3सुप्रीम कोर्टनई दिल्ली -1100019660035345

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बुढ़िया की इज्जत बच गई

बुढ़िया की इज्जत बच गई एक गांव में एक बुढ़िया रहती थी। उसको उसके परिवार में कोई ध्यान नहीं देता था।  एक दिन सोचा कि मैं कहीं दूर चली जाती हूँ। तो…

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चुंगलखोर खिड़की

चुंगलखोर खिड़की एक लेखक के कमरे की हल्की रोशनी,जो शीशे की खिड़की मे ,अखबार से ढके होने के बावजूद ,रात के अँधेरे मे,अपनी उज्वलता का परिचय देती थी। क्योकि कही…

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आलोचना 

आलोचना एक प्राचीन कला है|जो आदिकाल से चली आ रही है|आलोचना करना व सुनना भी एक कला है|आलोचनना करने मे आलोचक को प्रसन्न मूड़ होना चाहिए|फला की बेटी,फला का बेटा,फला…

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भारतीय नारी का वर्तमान समाज मे स्थान

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (इंटरनेशनल वूमेन डे)8  मार्च को मनाया जाता है,फिर एक बार महिलाओ के आर्थिक,सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रो पर बहस व मुद्दे उठाये जायेगे। महिलाओं के प्रति सम्मान,प्रशंसा और प्रोतसाहित करने के लिए जगह-जगह मंच पर भाषण,सभाएँ,नुकड़-नाटक इत्यादि होगे। साथ मे अन्तरराष्ट्रीय दिवश पर छुट्टी भी हो जाएगी।पर क्या हमारे जेहन मे नहीं आता कि हमे महिलाओ की स्थिति पर एक ही दिन विचार-विमर्श करने को मिला है?देखा जाये तो आज आधुनिक युग मे नारी की…

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एक माँ की अर्थी

एक माँ की अर्थीदेखो जा रही है। एक माँ की अर्थीक्यों तुम सब अब रो रहे हो।अब मिट्टी बने शरीर को,क्यों छू रहे हो।अब तो इनके प्राण पखेरू तो उड़…

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