पुरुष भी घरेलू हिंसा के शिकार होते है। स्त्री विमर्श के युग मे पुरुषो की बात करना थोड़ा उल्टा सा है।लेकिन यह भी सच है,की सिरिष्टि और समाज मे पुरुष…
पुरुष भी घरेलू हिंसा के शिकार होते है।
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पुरुष भी घरेलू हिंसा के शिकार होते है। स्त्री विमर्श के युग मे पुरुषो की बात करना थोड़ा उल्टा सा है।लेकिन यह भी सच है,की सिरिष्टि और समाज मे पुरुष…
बालमन किस्से लेखिका कंचन ठाकुर
on Celebration of 128th Birth anniversary Netaji Subhash Chandra Bosh KANCHAN THAKUR Certificate of Appreciation
बालमन किस्सेलेखिका : कंचन ठाकुर Publication : Flydreams Wattsup no. 9660035345
महिला यात्री को सीट देना। मै मेट्रो मे सफर कर रही थी ,तभी मेट्रो मे अगले स्टेशन पर पति पत्नी चढ़े। पत्नी खाली सीट के लिए इधर उधर देख रही…
kanchan Thakur
National Book Fair – Guldasta Book Launch Fair Writer by: Kanchan Thakur
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अपनो की चोट का दर्द एक सुनार था। उसकी दुकान के साथ ही एक लोहार की दुकान थी। सुनार जब काम करता तो उसकी दुकान से बहुत धीमी आवाज़ आती।…
Kanchan Thakur Writer गुलदस्ता